यदि कभी कोई वाकिया या कोई ऐसी जरूरत सामने आ जाए जहां कसम खाए बिना कामना चल सकता हो तो ऐसी मजबूरी के मौके पर सिर्फ अल्लाह की कसम खानी चाहिए हुजूर सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम की कसम खाना जायज नहीं है औलमा इकिराम ने उससे मना फ़रमाया है।
(वल्लाहु आलम)
(मुस्तफाद: फतावा दारुल उलूम देवबंद
फतावा शामी पार्ट नंबर 5 पेज नंबर 458
नाकिल✍हिदायतुल्लाह
खादिम मदरसा रशीदिया ड़ंगरा गया बिहार
HIDAYATULLAH
TEACHER.MADARSA RASHIDIA.DANGRA.GAYA.BIHAR.INDIA
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