बगैर जरूरत के कसम खाना अच्छी बात नहीं है अगर कोई जरूरत या मजबूरी हो तो सिर्फ अल्लाह ताला के नाम की ही कसम खानी चाहिए और उसी के नाम की कसम खाना जायज है अल्लाह के अलावा किसी दूसरे की कसम खाने से हदीस शरीफ में मना किया गया है और यदि अल्लाह के अलावा किसी की कसम खाने में जिसकी कसम खाई जा रही है अगर उसके एहतराम का भी इरादा किया गया हो तो यह और भी ज्यादा खतरनाक है और ऐसा करना हराम है कसम तो लागू नहीं होगी अलबत्ता इस गुनाह पर तौबा करना जरूरी है।
(वल्लाहु आलम)
(मुस्तफाद: फताव बिननौरिया
फतावा शामी पार्ट नंबर3 पेज नंबर 705
नाकिल✍हिदायतुल्लाह
खादिम मदरसा रशीदिया ड़ंगरा गया बिहार
HIDAYATULLAH
TEACHER.MADARSA RASHIDIA.DANGRA.GAYA.BIHAR.INDIA
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