कसम के साथ इंशाल्लाह लगाने से कसम का हुकुम

यदि किसी व्यक्ति ने यह कसम खाई उदाहरण के तौर पर के में वह काम नहीं करूंगा लेकिन साथ ही में इंशाल्लाह भी लगा दिया फिर वह काम कर लेता है जिसके ना करने की उसने कसम खाई थी तो उस पर कफारा लाजिम नहीं होगा क्योंकि इंशाल्लाह की वजह से वह कसम लागू नहीं हुई।
(वल्लाहु आलम)
(मुस्तफाद: फतावा दारुल उलूम देवबंद
फतावा शामी पार्ट नंबर5 पेज नंबर527
नाकिल✍हिदायतुल्लाह
खादिम मदरसा रशीदिया ड़ंगरा गया बिहार
HIDAYATULLAH
TEACHER.MADARSA RASHIDIA.DANGRA.GAYA.BIHAR.INDIA
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